कमर दर्द , सर्वाइकल और चारपाई..... हमारे पूर्वज वैज्ञानिक थे। सोने के लिए खाट हमारे पूर्वजों की सर्वोत्तम खोज है। हमारे पूर्वज क्या लकड़ी को चीरना नहीं जानते थे ? वे भी लकड़ी चीरकर उसकी पट्टियाँ बनाकर डबल बेड बना सकते थे। डबल बेड (तक्था या चौकी) बनाना कोई रॉकेट सायंस नहीं है। लकड़ी की पट्टियों में कीलें ही ठोंकनी होती हैं। चारपाई भी भले कोई सायंस नहीं है , लेकिन एक समझदारी है कि कैसे शरीर को अधिक आराम मिल सके। चारपाई बनाना एक कला है। उसे रस्सी से बुनना पड़ता है और उसमें दिमाग और मेहनत लगता है। और मैने बचपन में देखा है कि चारपाई के लिए रस्सी बनाना बहुत ही मेहनत का काम होता था,उसके लिए कई process होते थे। जब हम सोते हैं , तब सिर और पांव के मुकाबले पेट को अधिक खून की जरूरत होती है ; क्योंकि रात हो या दोपहर में लोग अक्सर खाने के बाद ही सोते हैं। पेट को पाचनक्रिया के लिए अधिक खून की जरूरत होती है। इसलिए सोते समय चारपाई की जोली ही इस स्वास्थ का लाभ पहुंचा सकती है। चारपाई पर हल्का कपड़ा,या रूमाल डाल कर बुजुर्ग लोग सोते थे,जिससे पीठ पर हाथ पर रस्सियों के निशान बन जाते थे,अब पता चला कि यह किस...
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